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ठंड के मौसम में भी कम नहीं हो रहा डेंगू का प्रकोप

जयपुर। प्रदेश सहित राजधानी में इन दिनों डेंगू के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों के आउटडोर में डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की भरमार है।

जानकारों की मानें तो सरकारी और निजी अस्पतालों में लगातार डेंगू के 10 से 15 नए मरीज सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि एडीज मच्छर के काटने से होने वाला डेंगू बुखार एक वायरल है। इससे मौत होने की संभावना तभी होती है जब मरीज का गलत इलाज किया जाए ।

जिससे की शरीर में इंफे क्शन या फिर काम्पलीकेशन हो। बहरहाल राजधानी के निजी अस्पतालों और सरकारी अस्पतालों में डेंगू के मरीज लगातार इलाज के लिए आ रहे हैं। हालांकि अभी स्वाइन फ्लू का प्रकोप कम हो गया है।

लेकिन डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अस्पतालों के आउटडोर में भीड़ है। राजधानी के निजी और सरकारी अस्पतालों में लक्षण वाले मरीजों की संख्या है।

कुछ मरीजों में जांच के बाद अन्य मौसमी बीमारियां भी सामने आ रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू के लिए अभी कोई वैक्सीन नहीं है। बुखार आने पर पैरासिटामॉल का सेवन किया जा सकता है। पर कई मरीज डेंगू के होने पर दर्द निवारक दवाइयां लेते हैं जो कि गलत है। मरीज को डेंगू के लक्षण मिलने पर चिकित्सकों की सलाह पर दवाइयों का सेवन करना चाहिए ।ताकि उपचार के दौरान मरीज को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो ।

दिन में काटता है एडीज
जानकारों के अनुसार साफ पानी में होने वाला एडीज मच्छर घरों के अंधेरे में रहता है। यह दिन में काटता है। घरों की अंधेरी जगह ठिकाना बनाने वाले एडीज मच्छर की पहचान शरीर पर पडऩे वाले सफेद चिकते से की जा सकती है। इससे बचने के लिए घरों में पानी का संग्रहण नहीं करना चाहिए। पीने का पानी ढंककर रखना चाहिए। साथ ही लगातार साफ- सफाई रखना चाहिए और मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए ।

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