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जयपुर शौचालय निर्माण में तीसरे पायदान पर

जयपुर। गुलाबी नगरी में व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण की दृष्टि से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। जहां तक राज्य स्तर की बात है, जयपुर बीते वित्तीय वर्ष में भी सबसे अधिक टायलेट्स का निर्माण कर प्रदेश में पहले स्थान पर था, चालू वर्ष में भी अब तक की उपलब्धि के आधार पर वह प्रदेश के सभी जिलों से आगे है। जिला कलक्टर सिद्धार्थ महाजन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत वर्ष 2013-14 में हुई थी, पूरे भारत में तब से लेकर अब तक कुल व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की उपलब्धि को को देखा जाए तो इसमें जयपुर जिला समूचे देश में 5 लाख 40 हजार 785 शौचालयों के निर्माण के साथ तीसरे स्थान पर है। जयपुर से आगे पश्चिम बंगाल के 24 परगना (5 लाख 98 हजार शौचालयों का निर्माण) तथा मुर्शीदाबाद (5 लाख 95 हजार 728) जिले है। ज्ञातव्य है कि पश्चिम बंगाल के जिलों का जनसंख्या घनत्व 1029 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, इसके मुकाबले राज्य के जिलों का औसत घनत्व 201 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिखरी हुई आबादी के कारण घरों में व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण मुश्किल और अधिक चुनौतीपूर्ण है। गौरतलब है कि जयपुर जिले में अभियान के तहत अब तक बनाए गए शौचालयों की संख्या (540785) में तो प्रदेश के कई जिले पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो गए होते। जयपुर में बने टायलेट्स की इस संख्या में भरतपुर (कुल लक्ष्य-289714) एवं चितौड़गढ़ (लक्ष्य-232887) अथवा डूंगरपुर (285395) एवं टोंक (208321) या जैसलमेर (56594) एवं व बाड़मेर (359670) जैसे जिलों के समूह पूरी तरह ‘ओडीएफ‘ हो जाते। जयपुर में जितने ‘टायलेट्स‘ बने है, उतने में जैसलमेर जैसा जिला करीब 9 बार, चितौड़गढ़ जिला करीब 2 बार और टोंक जिला भी 2 बार ‘ओडीएफ‘ हो जाता।

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