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रामगंज हिंसा में विकलांग ई-रिक्शा चालक की मौत

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के रामगंज इलाके में हुई झड़प में एक और व्यक्ति की मौत हो गई है। यहां शुक्रवार देर शाम पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हुई थी। पुलिस फायरिंग में एक शख्स की गोली लगने से मौत हो गई। वहीं एक विकलांग ई-रिक्शा चालक की भी इसी हिंसा के दौरान मौत हो गई।
रामगंज में हुई हिंसा के दौरान ही विकलांग ई-रिक्शा चालक भरत कुमार की भी मौत हो गई थी।

किसी ने भरत के घर वालों को फोन पर बताया था की रामगंज इलाके में हुई हिंसा में भरत कुमार घायल हो गया है। भरत को इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं भरत का ई-रिक्शा रामगंज में खड़ा है। इस पर भरत के चाचा तोलाराम रामगंज पहुंचे।

जहां उन्हें भरत का ई-रिक्शा तो मिल गया, लेकिन भरत नहीं मिला। इसपर भरत के परिजन एमएसएस अस्पताल भी गए, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। भरत के परिजन तीन दिन तक उसकी तलाश करते रहे, लेकिन सोमवार को सुबह उन्हें पता चला कि भरत का शव एसएमएस की मोर्चरी में रखा हुआ है।

65 साल की बूढ़ी मां का था इकलौता सहारा
एसएमएस की मोर्चरी के बाहर भरत के चाचा तोलाराम ने बताया कि भरत उसकी 65 साल की बूढ़ी मां ज्योति का इकलौता सहारा था। इस हिंसा ने बूढ़ी ज्योति से उसके घर का चिराग छीन लिया। अब बूढ़ी मां कैसे और किसके सहारे जीवन काटेगी।

ई-रिक्शा से ही चलता था घर का खर्च
भरत के चाचा तोलाराम ने बताया कि भरत को विकलांग सहायता के तहत ई-रिक्शा मिला था। भरत के घर का खर्च इसी ई- रिक्शे से होता था। अब भरत की बूढ़ी मां को चिंता सता रही है कि उसका गुजारा कैसे होगा।

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