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ब्रिक्स में पाक को झटका- आंतकवाद की हुई निंदा, लश्कर- जैश का हुआ जिक्र

शियामीन। चीन में ब्रिक्स देशों का सम्मेलन शुरू हो गया है। इस सम्मेलन के पहले दिन ही पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है और ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद की एक सुर में निंदा की है। सदस्य देशों द्वारा जारी शियामीन डिक्लेरेशन में ना केवल दुनिया में हो रहे आतंकी हमलों की निंदा हुई है बल्कि पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मुहम्मद और हक्कानी नेटवर्क का जिक्र किया गया है।

इसकी जानकारी देते हहुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय विदेश मंत्रालय की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस मे घोषणा पत्र की मुख्य बातों की जानकारी देते हुए विदेश सचिव, प्रीति सरन ने बताया गया कि सभी सदस्य देशों ने कहा है कि हम दुनिया और ब्रिक्स देशों पर हो रहे आतंकी हमलों की एक सुर में निंदा की है।

हम आतंक की हर रूप और तरीके की निंदा करते हैं। हम क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करते हैं साथ ही तालीबान, अल कायदा, आईएस, जैश-ए-मुहम्मद के अलावा इनके सहयोगी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मुहम्मद, हिजबुल और अन्य संगठनों द्वारा फैलाए जाने वाली हिंसा को लेकर भी चिंतित हैं।

इसके अलावा सदस्य देशों ने एक साथ नॉर्थ कोरिया द्वारा किए परमाणु परीक्षण की भी निंदा की है।

इससे पहले सोमवार को सम्मेलन के स्वागत समारोह के बाद हुए प्लेनरी सेशन में बोलेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शांति और विकास के लिए सहयोग जरूरी है। उन्होंने मेक इन इंडिया के अलावा सरकार की कोशिशों का जिक्र करते हुए कहा कि हम मिशन मोड में ताकि देश से देश में गरीबी खत्म की जा सके, स्वास्थ्य बेहतर हो, स्वच्छता, लिंगानुपात जैसी चीजें बेहतर की जा सकें। उन्होंने ब्रिक्स देशों के बैंक को लेकर कहा कि इसने अब लोन देना शुरू कर दिया है।

इससे पहले सम्मेलन में पहुंचे पीएम मोदी का स्वागत चीनी राष्ट्रपति ने किया। इसके बाद सभी सदस्य देशों के प्रमुखों ने साथ में तस्वीर खिंचवाई। इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में आज इस सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन होगा और इसके बाद प्लेनरी सेशन होगा।

मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर नजर

डोकलाम विवाद के बाद इस बात पर दुनिया की नजर है कि पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात होगी या नहीं। वैसे उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों सम्मेलन के इतर मुलाकात कर सकते हैं।

भारत उठा सकता है पाक आतंकवाद का मुद्दा

इस सम्मेलन में एक बार फिर पीएम मोदी पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा सीमापार से फैलाए जा रहे आतंक का मुद्दा उठा सकते हैं। हालांकि, इससे पहले खबर आई थी कि चीन ने पीएम मोदी से ऐसा ना करने की अपील की है।

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