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मोदी कैबिनेट में फेरबदलः चार का प्रमोशन, 9 ने ली राज्य मंत्री की शपथ

नई दिल्ली। केंद्र में नरेंद्र मोदी कैबिनेट का रविवार को तीसरा और संभवत: आखिरी विस्तार हुआ। पीएम मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित भाजपा नेता शपथ ग्रहण समारोह के लिए राष्ट्रपति भवन में मौजूद रहे। इस नए कैबिनेट फेरबदल में 4 मंत्रियों का प्रमोशन हुआ है जबकि नौ नए चेहरों को राज्यमंत्री के रूप में शामिल किया गया है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई। हालांकि, इस दौरान प्रधान ने शपथ ग्रहण के दौरान बोलते समय गड़बड़ी की जिसके बाद उन्हें उस लाइन को दोबारा बोलना पड़ा।

इसके बाद पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमन और मुख्तार अब्बास नकवी को भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करवाया गया। इसके बाद नए बनने वाले मंत्रियों में शिवप्रताप शुक्ल को सबसे पहले राज्य मंत्री के तौर पर शपथ दिलवाई गई। इससे पहले शपथ ग्रहण से पहले पीएम मोदी ने संभावित मंत्रियों से चर्चा की।

इन मंत्रियों का हुआ है प्रमोशन, कैबिनेट मंत्री के रूप में ली शपथ –

सबसे पहले कैबिनेट मंत्री के रूप में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शपथ ली।बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।

इन नए चेहरों ने ली राज्य मंत्रियों के रूप में शपथ –

नए मंत्रियों में सबसे पहले शिव प्रताप शुक्ल ने शपथ ली। जिसके बाद अश्विनी कुमार चौबे, डॉ. वीरेंद्र कुमार, अनंत कुमार हेगड़े, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, गजेंद्र सिंह शेखावत, सत्यपाल सिंह और अल्फोंस कन्ननथनम ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।

इससे पहले सहयोगी दलों की सरकार में भागीदारी को लेकर शनिवार शाम तक असमंजस बना रहा। जदयू और शिवसेना ने स्पष्ट कर दिया कि शनिवार शाम तक उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पटना में कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में मुझे मीडिया से ही जानकारी मिली है। इस पर औपचारिक रूप से मेरी किसी से बात नहीं हुई है।

शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि मैंने इसके बारे में किसी से कुछ नहीं पूछा है। न तो हमें किसी का संदेश मिला है और न ही हमें सत्ता की लालच है। पिछले विस्तार में भी शिवसेना ने कैबिनेट मंत्री का पद नहीं दिए जाने को लेकर विरोध जताया था। हालांकि, उनका एक कैबिनेट मंत्री पहले से सरकार में शामिल है। जदयू से भी आरसीपी सिंह और संतोष कुशवाहा को सरकार में शामिल किए जाने की चर्चा चल रही थी।

शुक्रवार की रात संघ प्रमुख मोहन भागवत से चर्चा के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को दिनभर वरिष्ठ पदाधिकारियों और कुछ मंत्रियों के साथ मशविरा किया। रात में उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की। बताते हैं कि जिन्हें शामिल होना है, उन्हें शाम के बाद फोन जाने शुरू हुए।

नए मंत्रियों को सरकार में शामिल किए जाने के साथ ही तीन-चार मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। शुक्रवार को भी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी विचार-विमर्श में जुटे थे। शनिवार शाम गडकरी ने अलग से जाकर प्रधानमंत्री से मुलाकात की।

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