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कच्ची बस्तियों को भूला निगम, सफाई व्यवस्था चौपट

जयपुर। (संजय चंद्रवाल) शहर की कच्ची बस्तियों के हालात भगवान भरोसे हैं। सड़क, बिजली, पानी के साथ-साथ सफाई के मामले में भी वहां के लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है। नगर निगम कर्मचारी पॉश इलाकों में सफाई कर कचरा उठाते हैं लेकिन कच्ची बस्तियों की ओर ये भूलकर भी रुख नहीं करते। सरकारी सुविधाओं को तरसती इन कच्ची बस्तियों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार की जानकारी जन प्रतिनिधियों को भी है लेकिन वे इस मामले में कोई रुचि नहीं ले रहे। स्वच्छ भारत अभियान इन बस्तियों में दम तोड़ रहा है।

मालवीयनगर के वार्ड 51 में मॉडल टाउन, डाक कॉलोनी, नाबार्ड कॉलोनी, दूरसंचार कॉलोनी, विनोबा विहार जैसी पॉश कॉलोनियों में निगम द्वारा नियमित रूप से साफ-सफाई की जाती है। इसके अलावा समय-समय पर कचरा निस्तारण होने से वार्ड पूरी तरह से साफ-सुथरा नजर आता है। लेकिन अगर आप इसी वार्ड की कुंडा बस्ती, वाल्मीकि कॉलोनी, विजय कॉलोनी, इंद्रा नगर की तरफ रुख करें तो निगम के दावे खोखले साबित होते हैं। इन बस्तियों का हाल इतना बुरा है कि अगर वहां पर खड़ा रहना पड़े तो मुंह पर हाथ जाएगा।

कुंडा बस्ती की गलियों का हाल यह है की सड़क और नालियां तो बनी हुई हैं पर नालियों में पानी भरा रहता है। जिसके निकासी की उचित सुविधा नहीं है। गलियों में इतनी तेज बदबू उठती है कि लोगों का गली से बाहर निकलना तक दुभर हो जाता है। उधर, विजय कॉलोनी में कहने को तो यह कॉलोनी जेडीए अप्रूव्ड है पर यहां पर गलियों की सड़कें टूटी-फूटी है।

कॉलोनी के मेन गेट पर ही कचरे का ढेर हमेशा ही लगा रहा है। निगम की उदासीनता के चलते कॉलोनी वाशिंदों को घुसते और निकलते समय गंदगी व बदबू से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गंदगी व बदबू के मारे लोग उधर से गुजरना पसंद नहीं करते। वहां पर ना कोई कचरा पात्र की उपयुक्त सुविधा है जिसके अभाव में कचरा आस-पास रोड पर फैल जाता है।

जानकारी अनुसार पॉश कॉलोनियों में तो हूपर गाड़ी जाती है पर विजय कॉलोनी में आज तक घर से कचरा उठाने नहीं आई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बस्तियों में आस-पास की पॉश कॉलोनियों, दुकानों, ठेलों का कचरा बस्तियों के मुख्य द्वार पर डाल जाते हैं, जिससे रोड पर कचरा फैल जाता है।

जहां जरूरत वहां नहीं कचरा-पात्र
वार्ड की विजय कॉलोनी के गेट पर कचरा-पात्र के अभाव में कॉलोनी का पूरा कचरा रोड पर फैला रहता है।

जिससे कॉलोनीवासी दुर्गन्ध में जीवन व्यापन करने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर नाबार्ड कॉलोनी के पीछे की ओर कचरा पात्र रखा जो की आमजन के काम नहीं आ रहा।

सड़कें तो बनी पर नालियां गंदगी से अटी
वार्ड के कुंडा बस्ती में सड़कें तो बनी हुई हैं पर नालियां हमेशा गंदे और बदबूदार पानी से भरी रहती हैं। यहां नालियों के पानी के निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि बारिश के मौसम में नालियों के पास खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है। गंदे पानी की निकासी नहीं होने के कारण बीमारियां होने का खतरा हो गया है।

आवारा पशुओं का जमावड़ा
वार्ड के डाक कॉलोनी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम के पास हमेशा ही कचरे का ढेर लगा रहता है।

आस-पास की दुकानों से इक_ा किया हुआ कचरा दुकानदार वहां पर जमा कर देते हैं। आवारा पशु अपनी भूख मिटाने के लिए उस स्थल पर पहुंच जाते हैं।

भय के साए में जीने को मजबूर
वार्ड की विजय कॉलोनी में विद्युत निगम की घोर लापरवाही देखने को मिली। वहां पर मकान के बीचों-बीच बिजली का खंभा खड़ा है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका रहती है।

पीडि़त ओमप्रकाश, राजेंद्र, सुनील ने बताया कि यह हमारा पुश्तैनी मकान है। इस पर विभाग की लापरवाही से लगे इस खंभे से हमेशा बड़ा हादसा होने का अंदेशा रहता है। बरसात में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कई बार तो बरसात के दिनों में छत और जालियों में करंट आ जाता है। कई बार शिकायत की लेकिन फिर भी विभाग सुध नहीं ले रहा है। विद्युत निगम से सीधा सवाल यह है कि अगर भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो कौन इसका जिम्मेदार होगा।

इनका कहना…
वार्ड में विकास कार्यों को देखते हुए पिछले साढ़े तीन साल के दौरान साढ़े छह करोड़ का कार्य करवाया है। इनमें सड़कें, सीवर लाइन, नालियों की मरमत, फेरो कवर और पार्कों के विकास कार्यों पर लगाया है। वर्तमान में सामुदायिक भवन का कार्य चल रहा है। आगे आने वाले दिनों में विकास कार्य और हों इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
नारायण नैनावत
पार्षद, वार्ड 51

नगर निगम की दोहरी नीति का परिणाम वार्ड 51 की जनता भुगत रही है। जिस प्रकार के हालात वर्तमान में हैं, वैसे मेरे कार्यकाल में नहीं थे। बरसात के दिनों में बस्तियों में रहने वाले लोगों के घरों में नालियों का गन्दा पानी घुस जाता है। कॉलोनियों में कोई विकास कार्य नहीं हुए हैं।
पूर्व पार्षद,
रामबक्श बैरवा

कॉलोनी में सबसे बड़ी समस्या क्षतिग्रस्त सड़क हैं। कॉलोनी में सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसके लिए जिम्मेदारों को बहुत बार शिकायत की गई। शिकायत करने के बाद भी सड़कों की हालत खस्ता है।
कजोड़मल बैरवा
निवासी, विजय कॉलोनी

 

वार्ड 51 में जगह-जगह कचरे के ढेर, आवारा पशुओं का जमावड़ा, क्षतिग्रस्त सड़कें, अवरुद्ध नालियां, पेयजल समस्या से दो-चार होना यहां के लोगों की नियति बन गया है।
रामलाल शास्त्री
विकास समिति उपाध्यक्ष

 

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