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एसएमएस अस्पताल से जुडऩे के बाद भी,मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा कावंटिया

नहीं मिल पा रही मरीजों को राहत , आए दिन बिजली बन रही बैरन

जयपुर।(महानगर संवाददाता) राजधानी में 1992 में कावंटिया सैटेलाइट अस्पताल की शुरुआत की गई। लेकिन प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्तपाल से मरीजों को बोझ को कम करने के लिए इसे पिछले मेडिकल कालेज के आधीन किया गया । कावंटिया अस्पताल में सुपरस्पेशलिटी सेवाएं विकसित की गई । ताकि एसएमएस अस्पताल से मरीजों के लोड को कम किया जा सके। लेकिन ये प्रयास भी मरीजों के लिए राहत नहीं बन पा रहे हैं। कावंटिया अस्पताल में सबसे बड़ी समस्या बिजली की है। पुरानी लाइनों के चलते यहां बिजली आंखमिचौली और फॉल्ट जैसी समस्याएं प्रतिदिन आना आम बात है। और बैकअप के लिए लगाया जनरेटर भी व्यवस्थाओं के हिसाब से नाकाफी है। ऐसे में कावंटिया अस्पताल में आने वाले मरीजों को ना सिर्फ बिजली के परेशान होना पड़ रहा है। ब्लकि अस्पताल आए दिन ऑपरेशन थियेटर में भी काम बाधित हो रहा है।

पिछले दिनों एसएमएस अस्पताल से जोड़ते ही ये सेवाएं शुरु की गईं

- एमआरआई, सीटी स्केन और डिजिटल एक्स- रे 
 - आर्थो ओटी, सर्जरी ओटी , गायनी ओटी की शुरुआत 
 - मेडीसिन और आर्थो की एक- एक यूनिट की शिफ्ट 
 - अन्य सभी सुविधाएं 
 लेकिन दिक्कतों की ये बानगी 
 -अस्पताल में बिजली की एक ही लाइन है। जबकि आमतौर पर आवश्यक सेवाओं में डबल सर्किट कनेक्शन होता है। 
 - 25 साल पुरानी बिजली लाइनों के भरोसे अस्पताल में बिजली व्यवस्था 
 - इस दरमियान अस्पताल में 20 गुना अधिक बिजली भार 
 - ऐसे आए दिन बन रही बिजली बैरन , अधीक्षक कक्ष की होती है बिजली गुल 
 - रोजाना आउटडोर में 2000 हजार मरीजों आवाजाही जिन्हें हो रही परेशानी 
 - वार्ड में भर्ती मरीजोंं के लिए बड़ी समस्या 

 बिजली ही नहीं जगह भी बन रही परेशानी
 
 कावंटिया अस्पताल में बिजली ही जगह की भी परेशानी है। कावंटिया अस्पताल में हाल यह है कि यहां प्रशसनिक काम - काज देख रहे चिकित्सकों के लिए कक्ष तक नहीं है । वे अधीक्षक के कक्ष में बैठकर कामकाज निपटा रहे हैं। ऐसा नहीं है अस्पताल के विस्तार की कोई योजना नहीं हो कावंटिया अस्पताल के पास की ही जमीन को इस अस्पताल का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। लेकिन इस दिश में सरकारी तंत्र की तरह कामकाज जारी है। ऐसे में इसका खामयिाजा यहां रोज आने वाले मरीजों को ही भुगतना पड़ रहा है। जबकि अस्पताल में चिकित्सकों की सेवा के साथ दूसरी सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए ताकि यहां आने वाले मरीजों को उपचार के समय परेशानी नहीं झेलनी पड़े । इस मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ. मोहन लाल मीणा ने बताया कि कावंटिया अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं सहित अस्पताल के नए भवन के विस्तार की योजना बनाई जा रही है। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। बिजली के बैकअप सहित अन्य सभी समस्याओं को जल्दी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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