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जानवरों जैसा बर्ता‌व करता था आनंदपाल

पुलिस ने बताई आनंदपाल एनकाउंटर की हकीकत

आनंदपाल एनकाउंटर को लेकर पुलिस मुख्यालय में एडीजी स्तर के तीन अधिकारियों ने अब तक की कार्रवाई की बारे में जानकारी देते हुए आनंदपाल मामले की सेमी चार्जशीट मीडिया के सामने रख दी है.
कहा जा सकता है जो अधिकारियों ने मीडिया के सामने ब्रीफिंग की है वही बात आने वाले समय में आनंदपाल एनकाउंटर की चार्जशीट में भी रखी जाएगी. रविवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस में आनंदपाल के अपराधिक रिकॉर्ड, आनंदपाल के खूखांर रवैए, उस पर चल रहे आपराधिक मामले और एनकाउंटर तक की सभी जानकारी मीडिया के सामने रखी गई.
आनंदपाल एनकाउंटर के बारे में ब्रीफिंग करते हुए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर पीके सिंह ने बताया कि आनंदपाल पर अब तक 40 से अधिक मुकदमें चल रहे थे. इन मुकदमों में दर्ज धाराओं से पता चलता है कि आनंदपाल हर प्रकार के अपराध में लिप्त था. वह मानव के साथ जानवरों की तरह बर्ता‌व किया करता था जिससे की उसका डर हर पैसे वाले व्यक्ति तक पहुंचे. इससे उसकी इनकम बढ़ सके.
उन्होंने बताया कि आनंदपाल ने एक छोटी सी बात पर एक सेल्समैन को सरेआम गोली मार दी, तो वहीं नानूराम को पंखे से लटकार उसका गला काटा दिया था. फिर उसके शव को एसिड में डाल के गला दिया है. हथियार रखने का शौकिन आनंदपाल के पास कई आधुनिक हथियार मिले थे, जिन्हें यह बखूबी चलाता था. पूर्व में जब 2012 में इसे पकड़ा गया उस दौरान भी इसके पास से अवैध हथियार बड़ी संख्या में मिले थे.

सरेंडर करने के लिए दिया था वचन
एडीजी क्राइम पीके सिंह ने बताया कि आनंदपाल से एक राजपूत ऑफिसर ने बात करते हुए कहा कि वह सरेंडर कर दे, राजपूत होने के नाते उसे वचन देता है कि उसे कोई गोली नहीं मारेगा. आनंदपाल को बताया गया था कि इस टीम में वे लोग ही मौजूद हैं जो वर्ष 2012 में उसकी गिरफ्तारी के दौरान मौजूद थे, लेकिन आनंदपाल हर बात का जवाब फायरिंग कर के दे रहा था. जिसके बाद एक्सचेंज ऑफ फायरिंग में आनंदपाल सिंह की मौत हो गई.

लगातार कर रहा था पुलिस पर फायर
पुलिस के अधिकारियों को सूचना मिलने पर तत्कालप्रभाव से टीम को मौके के लिए रवाना किया गया. लगभग साढ़े 10 बजे तक मकान का घेराव कर लिया गया था, जिसके बाद कुछ समय आनंदपाल को चेतावनी भी दी गई, लेकिन वह पुलिस की बात का जवाब देने के बयाज उन पर फायरिंग कर रहा था. उन्होंने बताया कि पूर्व में भी उस के क्रिमिनल रिकॉर्ड बताते हैं कि वह धोखा देकर फायरिंग करने में मास्टर है, जिसके चलते राजस्थान पुलिस का एक जवान की मौत हो चुकी है और सीआई के हाथ में गोगी लगी थी. इसलिए इस बार चांस नहीं लिया जा सकता था.

211 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
आनंदपाल एनकाउंटर से लेकर सांवरात में हुए उत्पात में अब तक पुलिस ने 5 एफआईआर दर्ज किए हैं. इन मुकदमों में अब तक 211 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा जा रहे हैं. आने वाले समय में इस मामले में कई गिरफ्तारियां पुलिस और आरपीएफ द्वारा भी की जाएगी. वहीं आनंदपाल का दोबारा पोस्टमार्टम किया गया है. जिस की रिपोर्ट की बात की जाए तो दोनों ही रिपोर्ट एक जैसी हैं. किसी में कोई फर्क नहीं आया है.

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