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कंट्रोल रूम ही बीमार, कैसे मिले आहत को राहत

जयपुर। मौसम विशेष में राजधानी में स्थापित किए जाने वाले आवश्यक सेवाओं से सम्बंधित विभागों के कंट्रोल रूम पूरी तरह से नाकारा साबित हो रहे हैं। इनके माध्यम से न तो जिला प्रशासन को जनहित से जुड़ी जरूरी जानकारियां मिल पा रही हैं और न ही इनसे आमजन को किसी तरह की राहत मिल रही है।

आमतौर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन (जिला कलेक्ट्रेट) में मौसम विशेष के मद्देनजर आपातकालीन सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए जाते हैं। लेकिन इन सभी विभागों के आपातकालीन कंट्रोल रूम में अव्यवस्थाएं हावी हैं।
स्वास्थ्य विभाग के पास मरीजों का रिकॉर्ड नहीं

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में रुटिन एवं विशेष बीमारियां फैलने की स्थिति में कंट्रोल रूम तो स्थापित किया गया है लेकिन यह मात्र औपचारिक साबित हो रहा है। यह स्वाइन फ्लू सहित मौसमी औैर दूसरी जानलेवा जानकारियों जुटाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।

हाल ही में जयपुर में स्वाइन फ्लू से पीडि़त होकर भर्ती होने के बाद और कौन कौन से इलाकों में इससे पीडि़त लोग प्रदेश के अस्पतालों में आ रहे हैं इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम में नहीं है। आमतौर पर कंट्रोल रूम में मिलने वाली सूचनाओं एवं शिकायतों के आधार पर चिकित्सा विभाग का मौसमी बीमारियों से सम्बंधित रिकॉर्ड अपडेट होता है और इनकी रोकथाम को लेकर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन कंट्रोल रूम की लचर व्यवस्था के कारण स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को दिक्कतें महसूस हो रही हैें।

पीडब्ल्यूडी कंट्रोल रूम भी नकारा
पीडब्ल्यूडी में बारिश से पहले कंट्रोल रूम स्थापित किया जाता है, लेकिन यहां भी कागजों में ही कंट्रोल रूम संचालित हो रहे हैं। बारिश में क्षतिग्रस्त सड़कों की कंट्रोल रूम में मिलने वाली सूचना इनकी मरम्मत करवाकर आवागमन सुचारू किया जाता है लेकिन हर बार बारिश थमने पर ही मेंटिनेंस कार्य किए जाने का बहाना बनाकर अधिकारी जिम्मेदारी से बच जाते हैं।

जिला प्रशासन का कंट्रोल रूम भी नहीं दे रहा राहत
जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम में तेज गर्मी के दौर में पेयजल आपूर्ति को लेकर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाता है, ऐसी ही व्यवस्था जलदाय विभाग में भी की जाती है। लेकिन इनमें अधिकतर शिकायत दर्ज करवाने वाले को पेयजल आपूर्ति में ढिलाई बरती जा रही है। खासकर समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों में पेयजल को लेकर उपजे संकट की स्थिति में इन कंट्रोल रूम के माध्यम से आमजन को टैंकरों के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जाता है।

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