• Thursday , 23 February 2017
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निखरेगा आमेर किले और घाट की गूणी का पुरा वैभव

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जयपुर। ऐतिहासिक आमेर किले के रखरखाव के साथ ही आगरा रोड से गुलाबीनगर के प्रवेश मार्ग पर स्थित घाट की गूणी के स्वरूप को निखारा जाएगा। आमेर विकास प्राधिकरण ने इसका बीड़ा उठाया है। इस जीर्णोद्धार कार्य से इन ऐतिहासिक स्थलों का पुरा-वैभव निखरेगा।

आमेर के मानसिंह महल और शीशमहल के संरक्षण का कार्य तो शुरू भी हो गया है, जबकि शेष जीर्णोद्धार कार्य टेंडर की औपचारिकताएं पूरी होने पर गति पकड़ेंगे। गुलाबीनगर सहित प्रदेश की कई ऐतिहासिक विरासतों की सुध लेते हुए जीर्णोद्धार के माध्यम से इनका विकास कर पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा।
इसी कड़ी में आमेर किले, घाट की गूणी, जोधपुर के संग्रहालय एवं प्रदेश के कई और संग्रहालयों के संरक्षण का निर्णय लिया गया है।

आमेर किले के शीशमहल और मानसिंह महल के सौंदर्य में निखार लाने को लेकर इन दिनों जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है। आने वाले दिनों में आमेर किले के इंटरप्रेटेशन सेंटर और इसकी बुकिंग खिड़की की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। वहीं किले में प्रमुख महलों और अहातों में भी रोशनी के समुचित इंतजाम किए जाएंगे।

लम्बे-चौड़े क्षेत्र में फैले और भीतरी हिस्सों में स्थित होने के कारण इसके कई महलों में सूरज की रोशनी नहीं पहुंच पाती है ऐसे में यहां दिन के समय भी अंधेरा छाया रहता है और इससे सैलानियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि आमेर किले में बिजली व्यवस्था के रखरखाव पर खास फोकस किया जाएगा।

उधर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में घाट की गूणी क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की अधूरी योजना के अब साकार होने की उम्मीद जगी है। घाट की गूणी पर करीब 50 लाख की लागत के विकास कार्यों के प्रस्ताव बनाए गए हैं और इसके लिए भी टेंडर किए जा रहे हैं। गूणी क्षेत्र की ऐतिहासिक इमारतों के झरोखों एवं तिबारों में इस राशि से जीर्णोद्धार की उम्मीद की जा रही है। पूर्व में इस इलाके में हाट बाजार विकसित किए जाने की भी योजना थी।

जोधपुर सहित कई शहरों के संग्रहालयों के दिन फिरेंगे
प्रदेश के जोधपुर सहित कई ऐतिहासिक शहरों के संग्रहालयों के भी जीर्णोद्धार और रखरखाव के माध्यम से दिन फिरेंगे। इन संग्रहालयों के लिए अलग-अलग मद से लाखों रुपए खर्च होंगे।

संग्रहालयों में संजोए गए रियासतकाल के हथियारों और मूर्तियों को भी इस राशि से संरक्षित किया जाएगा। जोधपुर संग्रहालय में सीसीटीवी कैमरा और सोलर पॉवर प्लांट भी लगाए जाएंगे। कमोबेश ऐसी ही सुविधाएं आने वाले दिनों में दूसरे संग्रहालयों में भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

मूल स्वरूप से नहीं की जाएगी छेड़छाड़
महलों एवं संग्रहालयों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य के दौरान इनके मूल स्वरूप से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। इससे इनका सौंदर्य तो निखरेगा ही और साथ ही इनमें मौलिकता भी नजर आएगा।

हालांकि ज्यादा क्षतिग्रस्त हिस्सों को नया लुक दिया जाएगा लेकिन जहां तक हो सके मौलिक स्वरूप में बदलाव से बचा जाएगा।


 

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