• Thursday , 23 February 2017
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महिलाओं में बढ़ रहा मेल हार्मोन एड्रोजन

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जयपुर। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में बदली हुई लाइफ स्टाइल के कारण अब महिलाओं के शरीर और चेहरे पर हल्के बाल नजर आना अब आम बात हो गई है। इन बालों से निजात पाने के लिए वो थ्रेडिंग और वैक्सिंग का भी सहारा लेती हैं, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा हों तो सावधान हो जाइए।

यह हार्मोंस का असंतुलन प्रजनन परेशानी, थॉयराइड सहित कई तरह की बीमारियों का रोगी बना सकता है। कुछ स्थितियों में महिलाओं के चेहरे पर हल्की सी मूंछ व दाढ़ी भी दिखाई देती है।

ये लक्षण पीसीओडी या पीसीओएस के निशानी हो सकते हैं। स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर महिला को मां बनने में भी परेशाानी का सामना करना पड़ता है। बदलती जीवन शैली के कारण हर 10 में से एक महिला इसकी शिकार है। पहले यह समस्या 25 की उम्र के बाद महिलाओं में देखी जाती थी पर अब छोटी बच्चियां भी इसकी जकड़ में आने लग गई हैं।

हार्मोन एक्सपर्ट व सीनियर एंडोक्राइनोलॉजिस्ट कहते हैं कि आजकल की भागदौड़ भरी, व्यस्त और तनावपूर्ण लाइफ स्टाइल के चलते हम अक्सर अपनी सेहत का सही तरह से ध्यान नहीं रख पाते।

जिसके कारण कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। यह एक ऐसी मेडिकल कंडीशन है जो आमतौर पर रिप्रोडक्टिव उम्र की महिलाओं में हॉर्मोनल असंतुलन के कारण पाई जाती है।

इसमें महिला के शरीर में मेल हॉरमोन एंड्रोजन का लेवल बढ़ जाता है व ओवरीज पर एक से ज्यादा सिस्ट हो जाते हैं। पहले यह समस्या 25 की उम्र के बाद महिलाओं में देखी जाती थी पर अब छोटी बच्चियां भी इसकी जकड़ में आने लग गई हैं।

ये होते हैं लक्षण
कई बार इसके लक्षण बाहरी तौर पर नजर नहीं आते हैं और इसका पता नहीं लग पाता है। फि र भी कुछ ऐसे संकेत हैं, जो इस बीमारी के होने का संकेत देते हैं।

जैसे वजन बढऩा, अनियमित पीरियड्स, शरीर व चेहरे पर एक्सट्रा हेयर ग्रोथ होना यानी कि मर्दों की तरह शरीर पर बाल, मुहांसों व तेलीय त्वचा की समस्या अचानक से होना, बालों का झडऩा, पेलविक दर्द होना, ओवरी पर कई सिस्ट होना। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज व दूसरे हॉर्मोंस का असंतुलन भी इसके बढऩे पर हो सकते हैं।

ऐसे करें बचाव
1. चेहरे व शरीर पर अत्याधिक बाल होने का शिकार हैं तो तत्काल ही एंडोक्रोइनोलॉजिस्ट डॉक्टर से मिलें।
2. वजन को नियंत्रित रखें। क्योंकि ओवरवेट लोगों में समस्या गंभीर हो जाती है।
3. नियमित रूप से व्यायाम करें। वॉक, स्विमिंग, जॉगिंग, साईकिलिंग आदि किसी भी तरह की कसरत नियमित रूप से करें।

4. तनाव मुक्त रहें। इसके लिए प्राणायाम और ध्यान भी कर सकती हैं।

5.सही लाइफस्टाइल का चुनाव करें। सिगरेट, शराब, कोल्डडिंऊक्स, जंक फूड, कैफीन आदि चीजों से दूर रहें। जल्दी उठें और पूरी नींद लें।

हार्मोन असंतुलन हो सकता है खतरनाक
अक्सर महिलाएं शरीर में हो रहे परिवर्तनों से अनजान बनी रहती हैं। इन्हें अनदेखा करना खतरनाक साबित हो सकता है। यह हार्मोन असंतुलित होकर पीसीओडी या पीसीओएस की परेशानी तो करता ही है, साथ ही डायबिटीज, बीपी, थॉयराइड, प्रजनन क्षमता पर असर सहित कई तरह की बीमारियों का रोगी बना सकता है। समय पर जांच और दवाओं से इस परेशानी से बिना किसी तरह की सर्जरी के निजात मिल सकती है।
-डॉ. प्रेमप्रकाश पाटीदार,
सीनियर एंडोक्रोइनोलॉजिस्ट


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